Didi Ki Kuwari Chut Fadi |
मे 21 साल हूँ ओर दिल्ली मे रहता हूँ. मेरी फॅमिली मे हम चार लोग हे. पापा हे ओर माँ हाउसवाइफ हे. ओर मे स्टूडेंट हूँ. और एक बहन है। उसकी उम्र 24 साल हे। अभी तक उसकी शादी नही हुई. रंग सांवला पतली कमर नॉर्मल साइज़ बोब्स ओर गांड हल्की बाहर निकली हुई हे. उसका कोई बॉय फ्रेंड भी नही हे. क्यूकी वो सारा दिन घर पर ही रहती हे बिकॉज़ हमारी फॅमिली मे लड़कियो को ज्यादा छुट नही हे बाहर जाने की। हमारे घर मे सब के अलग अलग कमरे हे. पापा ओर माँ एक कमरे मे सोते हे जो की फर्स्ट फ्लोर पर हे ओर सेकेंड फ्लोर पर दो कमरे हे जिसमे एक मे मे ओर दूसरे मे सिस्टर सोती हे ओर ग्राउंड फ्लोर पर किरायेदार रहते थे पर पिछले दो महीनो से वो हमने किराए पर नही दिया था। मे अपनी स्टोरी पर आता हूँ बात आज से कोई दो महीने पुरानी हे मुझे बचपन से ही ब्लू फिल्म देखने का शोक था ओर सेक्स स्टोरी भी पढ़ने का बहुत शोक था ओर मे मुठ भी बहुत मारता था इसका अंजाम ये हुआ था की मेरा लंड कुछ ज्यादा ही मोटा था पर वो ज्यादा लंबा नही था पर वो 4 से 5 इंच लंबा है. मे दीदी को कभी भी बुरी नज़र से नही देखता था। पर वो कभी कभी झाड़ू झुक के लगाती थी तो उसके चुचियो के दर्शन हो जाते थे. पर उन्हें चोदने का ख्याल कभी नही था. एक दिन मे रात को ब्लू फिल्म देख के बाथरूम मे मुठ मारने गया रात करीब एक बज रहा था ओर मैने बस अंडरवेयर पहन रखा था मे दीवार की तरफ मुहँ कर के मुठ मारे जा रहा था जिस बाथरूम मे मुठ मार रहा था ये हमारे फ्लोर पर और हमारे कमरे के साथ मे ही हे। जब मे मुठ मार रहा था जब मुझे अपने पीछे ऐसा लगा कोई खड़ा हे पर मेरी हिम्मत नही हुई पीछे मुड़ने की मे रात मे बिना बाथरूम के दरवाजा बंद करे ही मुठ मारता था जब मैने हिम्मत करके पीछे मूड कर देखा तो मेरी सिस्टर दौड़ के अपने कमरे मे घुस रही थी ओर उसने अपना कमरे के दरवाजा बंद कर लिया था वो मुठ बाथरूम करने आई थी उसने ये बात मुझे बाद मे बताया था। अगले दिन वो खुश नज़र आ रही थी मैने इतना खुश उसे पहले कभी नही देखा था जब मैं अंगड़ाई लेकर अपने रूम से बाथरूम की तरफ बढ़ रहा था तो वो मेरी तरफ देख के मुस्कुराई मैने नज़रे झुका ली ओर मे समझ गया की ये रात वाली घटना को देखकर ये सब हो रहा हे। मैने जल्दी से फ्रेश हुआ ओर खाना खाने बैठ गया मुझे बार बार रात का ख्याल आ रहा था की ये बात वो माँ को ना बता दे. पर उसने ऐसा कुछ नही किया कुछ दिन ऐसे ही बीत गये अचानक गाँव से फोन आया की नानी की तबीयत कुछ ज्यादा ही बिगड़ गई हे. माँ ओर पापा शाम की ट्रेन से गाँव निकल गये अब घर मे मैं ओर मेरी सिस्टर ही रह गये हमने रात का खाना खाया ओर सो गये अगले दिन पापा का फोन आया की उन्हे गाँव मे 15 से 20 दिन लग जाएँगे। मैने ये बात अपनी सिस्टर को बता दी. उसके बाद मे सोफे पर बैठ कर टीवी देखने लगा ओर वो झाड़ू लगाने लगी वो बैठ के झाड़ू लगा रही थी जिससे उसके बोब्स का कुछ पार्ट दिखाई दे रहा था जिसे मे तिरछी नज़र से देख रहा था ये बात उसको भी पता थी की मे उसके मुम्मो को देख रहा हूँ. मुझे आज अपनी बहन कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही थी मे उसकी तरफ ज्यादा देख रहा था. दोपहर के समय मे उसके साथ बैठ कर कुछ इधर उधर की बातें करने लगे फिर अचानक मैने उस से पूछा की दीदी तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड हे तो उसने मुझे सीधे मना कर दिया ओर मेरे से पूछा की तू आज ये बात क्यू पूछ रहा हे मैने बोला ऐसे ही. तो फिर उसने मुझसे पूछा की तेरी कोई हे मैने भी मना कर दिया उसने मुझसे से पूछा की तू तो इधर उधर जाता हे फिर भी तेरी नही हे. मैने कहा नही दीदी कोई अभी पसंद नही आई हे। उसने कहा ठीक हे मे दीदी से खुलने लगा फिर रात हो गई मे ओर दीदी खाना खा कर टीवी देखने लगे मैने एक इंग्लीश मूवी लगा दी जिसमे कुछ देर तो फाइट चली फिर कुछ देर बाद अचानक सेक्सी सीन आ गया जिसमे हीरो की फ्रेंच किस लेता हे ओर बोब्स दबाता हे ये देख कर दीदी कुछ गर्म हो गई ओर मे भी फिर वो सीन खत्म हो गया ओर दीदी ने मेरे तरफ देखा ओर शर्मा गई ओर मेरे से कहा की मे सोने जा रही हूँ ओर वो अपने कमरे मे चली गई कुछ देर बाद मे भी अपने रूम मे चला गया पर मुझे रात मे नींद नही आ रही थी मे उठा ओर दीदी के कमरे मे चला गया मुठ गया तो देखा दीदी भी जाग रही थी मैने पूछा नींद नही आ रही तो उन्होने कहा नही। दीदी बहुत सेक्सी लग रही थी उन्होंने नाइट ग्राउन पहन रखा था नाइट बल्ब की रोशनी मे वो बहुत कामुक लग रही थी फिर हम कुछ देर बाद सो गये रात करीब 1:30 बजे मेरी नींद खुली मे दीदी को देख हैरान हो गया दीदी की एक टाँग मेरे टाँग के ऊपर थी ओर उनका ग्राउन घुटनो से ऊपर था ये देख मे उत्तेजित हो गया ओर दीदी के घुटनो पर हाथ फैरने लगा उनका शरीर छुने से ही मेरे बदन मे बिजली सी दौड़ गई क्या मखमली बदन था वो सावला बदन कातिल सा लग रहा था. मैने अपना एक हाथ चुचो पर रखा वाह क्या चुचे थे मानो मे स्वर्ग मे पहुँच गया. सॉफ्ट उसके चुचे थे कुछ देर उसका बदन सहलाने के बाद वो जाग गई ओर मेरी तरफ देख कर बोली राज ये तुम क्या कर रहे हो मे भी थोडा सा डर गया था फिर वो बोली। आने दो माँ को मे सारी बात बताउंगी मैने कहा माँ को मत बताना तो उसने कहा नही बताउंगी उसने मुझे समझाया की ये सब ग़लत बात हे ये भाई बहन के बीच नही हो सकता ओर वो तिरछी नज़र से मेरे अंडरवेयर की तरफ भी देख रही थी जो की टेंट बना हुआ था मतलब की लंड खड़ा था। मे समझ गया की दीदी का मन भी हे चुदाई का. मैने तुरंत दीदी से कहा की हम भाई बहन से पहले एक मर्द ओर औरत हे और हम एक दूसरे की इच्छा को पूरा कर सकते हे. दीदी ने कहा की अगर बाहर किसी को पता लग गया तो हमारी बदनामी हो जाएगी समाज मे. मैने कहा दीदी जब हम किसी को बताएँगे ही नही तो बाहर किस को पता चलेगा ये बात हम दोनों के बीच मे ही रहेगी. मैने दीदी की मुहँ की तरफ देखा तो मे समझ गया की दीदी भी राज़ी हे। मैने टाइम वेस्ट ना करते हुए अपने हाथ दीदी के नर्म हाथ पर रखे ओर एक लम्बी फ्रेंच किस करने लगा ओर अपने दोनों हाथ दीदी के बोब्स पर रख के धीरे धीरे प्रेस करने लगा मुझे स्वर्ग का अनुभव लगा की जैसे मे किसी अप्सरा को किस कर रहा हूँ. दीदी ने भी मुझे कस के जकड़ लिया ओर मेरा पूरा साथ देने लगी. दीदी का हाथ मेरे लंड की ओर बढ़ा ओर उन्होने मेरा लंड एक हाथ से थाम लिया ओर ज़ोर से दबाने लगी उन्होने अंडरवेयर के उपर से मेरे लंड को सहलाना जारी रखा. मैने किस खत्म किया ओर दीदी से कहा की जन्नत के दर्शन करवा दो दीदी ने कहा खुद कर लो मैने दीदी का ग्राउन दीदी के बदन से मुक्त कर दिया दीदी ने अंदर एक टाइट ब्रा ओर पेंटी पहन रखी थी। बहुत ही सेक्सी लग रही थी वो सेक्स की देवी लग रही थी उनकी पेंटी ओर ब्रा पिंक कलर की थी दीदी के बोब्स ज्यादा बड़े तो नही पर सेक्सी थे। मैने उनके हाथो के साइड से अपने हाथ उनके पीठ के पीछे ले गया ओर ब्रा की हुक खोल दी ओर दीदी की ब्रा एक झटके मे बाहर आ गई ओर दीदी के दोनों चुचे एक दम उछल के बाहर आ गये मैने दोनों हाथो से दीदी के चूचो को थाम लिया ओर एक चुचा अपने मुहँ मे भर लिया ओर दाँत से काट दिया दीदी के मुहँ से आ.. निकल गई ओर वो मुझे गुस्से से घूरने लगी ओर कहने लगी मे कही भाग नही रही रात भर चोदना मुझसे ज्यादा जल्दबाजी मत कर फिर मैने दीदी को सॉरी बोला दीदी ने मुझे प्यार से देखा ओर मेरे सर पर हाथ फेर कर बोली कोई बात नही। मे खुश हो गया ओर दीदी के मुम्मो को जी बर कर चूसा दीदी के चुचे एक दम लाल हो गये थे दीदी भी आहे बर कर अपने चुचे चुसवा रही थी उन्हे भी बहुत मजा आ रहा था दीदी के चुचे एकदम टाइट ओर खड़े हो गये थे अब जो बहुत कामुक लग रहे थे. फिर मैने अपना हाथ दीदी की चूत की ओर बढ़ाया जब मैने अपना हाथ दीदी की पेंटी मे डाला तो मुझे महसूस हुआ की दीदी के नीचे के बाल ज्यादा बड़े हे। मैने फिर दीदी की पेंटी दीदी की कमर से निकाल फेकी उनकी चूत बालो से ढकी थी मैने दीदी से कहा दीदी आप नीचे के बाल नही काटती हे तो दीदी ने कहा काटती तो हूँ पर कुछ दिनों से टाइम नही मिल रहा था काटने का. मैने कहा दीदी चुदाई के समय ये बाल परेशानी करेंगे तो दीदी ने कहा फिर क्या करे मैने कहा मे इसका इलाज करता हूँ. मे दौड़ कर अपने कमरे मे गया ओर मुठ से अपनी शेविंग कीट लाया ओर दीदी से पूछा मे इन्हे सॉफ कर देता हूँ. दीदी ने कहा ठीक हे… मे दीदी को बाथरूम मे ले गया वहाँ दीदी को एक स्टूल पर बैठा दिया जोकि हम बेड रूम से ले गये थे. दीदी अपने दोनों हाथ पीछे टेबल पर टीका कर बैठ गई ओर अपने दोनों टाँगे विपरीत दिशा मे फैला लिए. दीदी की चूत एक दम सॉफ नज़र आ रही थी. मैने ढेर सारा सेविंग क्रीम लिया ओर दीदी की चूत के बालो पर लगाने लगा ओर दीदी की पूरी चूत के ऊपर क्रीम से खूब सारा झाग बन गया था मैने थोड़ी देर दीदी की चूत को खूब मसला फिर दीदी शांत बैठ कर सब देख रही थी बीच बीच मे उनके मुहँ से आ.. आ.. की आवाज़ भी निकल रही थी। मैने सेविंग कीट से एक रेजर निकाला ओर उसमे एक नया ब्लेड लगाया ओर दीदी की चूत पर रखने ही वाला था की दीदी बोल पड़ी भाई चूत पर कटना नही चाहिए खून से मुझे बहुत डर लगता हे ओर दर्द भी होता है मैने कहा दीदी तुम टेंशन मत लो अभी देखो तुम्हारा ये भाई कितनी आराम से तुम्हारे सारे बाल साफ कर देगा. मैने अपना काम स्टार्ट कर दिया दीदी के चूत के बाल मुलायम ओर घुंघराले थे उनका कलर लाइट ब्राउन था उन्हे काटने मे मुझे कोई ख़ास परेशानी नही होने वाली थी क्योकि सॉफ्ट बॉल तुरंत कट जाते हे। मैने बाल साफ करना स्टार्ट कर दिया ओर देखते ही देखते दीदी के चूत के बाल सारे साफ हो गये थे जब सारे बाल कट गये तो मेने देखा की दीदी की चूत के दोनों होठ एक दूसरे से चिपके हुए थे वो बिल्कुल कोमल कली की तरह लग रहे थे मे समझ गया था कि दीदी अभी किसी से चुदी नही थी मैने दीदी से पूछा की दीदी आपने कभी किसी के सात सेक्स नही किया हे ना? तब दीदी ने बताया की चोदने की बात तो दूर अभी तक किसी ने इसे देखा भी नही हे. मे फिंगरिंग भी बहुत कम करती हूँ जिसकी वजह से ये बहुत बंद सी लग रही हे आज तू इसकी सील तोड़ेगा। मे मन ही मन खुश हो गया की आज मे पहली बार किसी की चूत मार रहा हूँ वो भी अपनी बहन की. मैने दीदी से कहा की तुम एक बार नहा के तैयार हो जाओ दीदी ने कहा ठीक हे मे बाथरूम से बाहर आ गया ओर अपने कमरे मे बैठ के इंतजार करने लगा. कुछ देर बाद दीदी बाथरूम से नंगी निकली ओर अपने कमरे मे घुस गई ओर उसने मुझसे कहा की तुम भी एक बार नहा लो जब तक मे तैयार होती हूँ…मैने भी अलमारी से एक अंडरवेयर लिया ओर एक टावल लेकर बाथरूम मे घुस गया ओर मे भी नहा कर बाहर आया मैने अंडरवेयर पहन रखी थी जिसमे मेरा लंड अलग से तना हुआ नज़र आ रहा था. तभी दीदी की आवाज़ आई तुम मेरे रूम मे मत आना मे दस मिनिट मे बाहर आ रही हूँ मैने कहा ठीक हे दीदी…मे जब तक ख्यालो मे खो गया की दीदी को कैसे चोदुगा। तभी दीदी अपने रूम से बाहर निकल कर आई मे दीदी को देखता ही रह गया दीदी बहुत सेक्सी लग रही थी इससे पहले दीदी मुझे इतनी सेक्सी नही लगी. दीदी ने ऊपर वाइट कलर की शर्ट पहन रखी थी जिसके बटन खुले थे ओर उसको नीचे से बाँध रखा था जिस कारण से दीदी के बोब्स आधे दिख रहे थे अंदर दीदी ने कुछ भी नही पहन रखा था। मेरे कहने का मतलब ब्रा से हे. ओर नीचे दीदी ने अपने स्कूल टाइम की एक स्कर्ट पहन रखी थी जो वो शायद 8th क्लास मे पहनती थी जो उनके घुटनो से काफ़ी ऊपर आ रही थी दीदी एकदम स्कूल की लड़की लग रही थी जो 5th या 6th क्लास मे पढ़ती हो उसने मुहँ पर हल्का मेकअप ओर होंठो पर लिपस्टिक भी लगा रखी थी ओर नीचे एक हाई हील सेंडले भी पहन रखा था। मैने दीदी को आते ही बाहों मे भर लिया ओर दीदी के गाल पर एक दमदार किस किया दीदी ने मेरे किस का स्वागत किया ओर उसने भी मुझे कस के पकड़ लिया मैने उससे नीचे उतारा ओर अपने दोनों हाथ उसके गांड पर ले गया ओर दोनों मुट्ठी मे उसके चूतड़ की गोलाई को भर लिया ओर ज़ोर से दबाते हुए उसके होंठो पर अपने होठ रख दिए ओर एक जोरदार किस लिया फिर मैने दीदी को उठाया ओर बेड पर ले गया वहाँ दीदी की शर्ट खोला तो दीदी के बोब्स आज कुछ ज़्यादा ही खुबसूरत लग रहे थे. मैने एक आम को पकड़ कर अपने मुहँ मे ले लिया ओर थोड़ी देर तक चूसने लगा कुछ देर बाद दोनों चुचो को चूसने के बाद मैने दीदी की स्कर्ट पर हाथ ले गया ओर दीदी की स्कर्ट को दोनों हाथो से पकड़ कर उपर उठा दिया मैने देखा तो अंदर दीदी ने पेंटी पहन रखी थी मैने जल्दी से दीदी की स्कर्ट का हुक खोला ओर स्कर्ट ओर उतार फेका उसके बाद मैने दीदी की पेंटी भी उतार दी। अब जो नज़ारा था मे उसे देख कर खुश हो गया दीदी की चूत एकदम चिकनी लग रही थी ओर उसमे से खुशबू भी आ रही थी लग रहा था दीदी ने अपनी चूत को खूब मल मल के धोया हे उसके पूरे बदन से खुशबु आ रही थी. मैने दीदी की दोनों टांगे फैलाया ओर अपने मुहँ को जाँघो के बीच ले गया ओर अपने होठ दीदी की चूत के होंठ पर रख दिया मुहँ से सिसकिया निकल रही थी वो मेरे बालो मे हाथ फेर रही थी ओर कह रही थी मेरे भाई खा जा तू इसे मुझे अब रहा नही जा रहा.. मैने अपनी जीभ को निकाल के दीदी के दोनों चूत के होंठ के बीच डालने लगा तो देखा की वो हिस्सा बहुत टाइट हे। फिर भी मैने हिम्मत नही हारी मैने दोनों फाक के बीच जगह बनाई ओर अपनी जीभ उसके चूत मे डाल दिया दीदी मदहोश हुए जा रही थी ओर उनके मुहँ से अजीब अजीब आवाज़े निकल रही थी। फिर थोड़ी देर बाद मैने अपनी एक उंगली दीदी की चूत मे डाल दी जब उंगली आधी दीदी की चूत मे गई तो दर्द के मारे चिल्लाने लगी मैने थोड़ी देर ऐसे ही अंदर बाहर करते रहा. फिर मैने अपना मुहँ उसके जांघो के बीच मे ले लिया ओर उसकी चूत को चाटने लगा कुछ देर बाद उसके चूत से एक गर्म पानी की धार निकली ओर मेरे मुहँ मे आ गिरी मे समझ गया की मेरी प्यारी बहना झड़ गई हे ओर वो वही लेट के निढाल हो गई. मैने उसके चूत पर लगा सारा पानी अपने जीभ से साफ किया उसकी चूत चाटने की वजह से बिल्कुल लाल हो गई थी। कुछ देर बाद उसे होश आया ओर वो उठी ओर मेरे अंडरवेयर की तरफ देखने लगी ओर मुझसे कहा भईया मेरा तो आपने झड़वा दिया पर अपना अभी तक नही दिखाया मैने उससे कहा की खुद देख लो मे सीधा खड़ा हो गया वो घुटनो के बल मेरे लंड के सामने अपना मुहँ करके बैठ गई जैसे ही उसने मेरा अंडरवेयर नीचे किया लंड निकल कर उसके गालो को टच करने लगा वो थोडा सा डर गई ओर वो मेरी तरफ देख के कहने लगी भाई ये तो बहुत मोटा ओर लंबा हे ये मेरी चूत मे कैसे जाएगा. जब तूने मेरी चूत मे एक उंगली डाली थी जब तो इतना दर्द हुआ था ये तो इतना लंबा हे. मैने कहा ये भी अंदर चला जाएगा इससे पहले दोस्ती कर लो तो उसने कहा कैसे मैने कहा इसे पहले सहलाओ वो धीरे-धीरे उसे सहलाने लगी नर्म हाथ पाकर वो ओर लंबा हो गया जेसे कोई नाग हो। मेरे लंड पर एक भी बाल नही था क्योकि की दो दिन पहले ही मैने अपने झाठ के बाल साफ़ करे थे. दीदी उसे खेलने लगी फिर मैने दीदी से कहा इसे मुहँ मे लेकर देखो बहुत आनंद आएगा दीदी मुझसे मना करने लग गई कहने लगी मुझे अच्छा नही लगता मैने कहा एक बार लेकर तो देखो इसकी दीवानी हो जाओगी बहुत ज़ोर देने पर दीदी ने उसे मुहँ मे डाल ही लिया दीदी मुझसे कहने लगी इसका टेस्ट तो नमकीन हे और अच्छा हे मैने कहा था ना की इसकी दीवानी हो जाओगी… दीदी स्वाद लेकर लंड को चूसती रही मैने दीदी के बाल पकड़े ओर दीदी के मुहँ मे दो तीन झटके दिये जिससे दीदी के मुहँ मे मेरा पूरा लंड चला गया इससे दीदी कुछ हैरान नज़र आ रही थी फिर दीदी ने कहा गले मे छेद करेगा क्या ज़रा आराम से कर मैने कहा ठीक हे मेरी जान…… दीदी और मे एक दूसरे से खुल गये थे मे दीदी को जान कह कर पुकार रहा था ओर दीदी मुझे राजू कह कर बुला रही थी. दीदी के मुहँ मे लंड आगे पीछे करते करते एकदम मेरे मूह से आ.. की आवाज़ निकली ओर मैं पिचकारी दीदी के मूह मे छोड़ दी ओर दीदी का पूरा मूह मेरे माल से भर गया दीदी ने तसल्ली से सारा माल अपने जीभ से चाट लिया उसने एक एक बूँद मेरे लंड से निचोड लिया ओर बोली भाई ऐसा अनुभव मुझे पहले कभी नही हुआ… मैने कहा रानी अब तुम्हारी चूत की बारी हे चोदने की उसने अपनी गांड को हिलाते हुए कहा मैने कब मना किया हे जल्दी से मेरी चूत भी चोद दो अब मे एक पल भी नही रह सकती मे तोड़ा तैयार हुआ ओर दीदी से कहा इसे ज़रा खड़ा कर दो दीदी ने उसे अपने मुट्ठी मे भर लिया ओर आगे पीछे करने लगी कुछ देर मे लंड खड़ा हो गया मैने दीदी की दोनों टाँगो को विपरीत दिशा मे करा ओर एक हाथ से अपना लंड को पकड़ा ओर दीदी के चूत के मुहँ पर रखा ओर एक हल्का झटका दिया जिससे दीदी की चीख निकल गई मैने दुबारा ट्राइ किया फिर भी वो अंदर नही जा पा रहा था मैने दीदी से कहा की किचन से घी ले आओ दीदी उठी ओर अपनी गांड मटकाते हुए किचन से घी का टिन ला के मेरे हाथ मे दे दिया मैने दीदी को उसी तरह से लेटने को कहा। और एक चम्मच घी निकाल के दीदी के चूत पर डाल दिया ओर टिन साइड मे रख के सारा घी दीदी के चूत ओर थोडा अपने लंड पर मल लिया जिससे दीदी की चूत चिकनी हो गई थी मैने दुबारा अपना लंड को हाथ मे थामा ओर दीदी के चूत के होंठो के बीच मे रखा ओर एक जोरदार झटका दिया लंड फिसल के साइड मे निकल गया. मैने दुबारा लंड मुहँ पर रखा ओर दुबारा जोरदार झटका दिया इस बार मे कामयाब रहा लंड चूत को फाड़ कर आधा चूत के अंदर चला गया था दीदी की चीख निकली आआआआअहेहे….उईईईईईईईईईइमाआआआआ …मर गइइ……..जल्दी निकालो लंड बाहर उुुुुुुउउफफफफफफफ्फ़…..निकाल बाहर………….माआआआआअ…………..उूुुुुुुुुउउइईईईईईईईईईई……………मैने कहा दीदी कुछ नही होगा दीदी के आँख से आसूं निकल गये वो दर्द के मारे कराह रही थी मैने दीदी की चूत मे दूसरा झटका मारा इस बार लंड दीदी की चूत मे पूरा घुस गया दीदी की आवाज निकली मर गई आआआहेहे ……….उईईईईईईईईईईईईई.फट गई मेरी चूत अब दीदी मुझे गाली देने लगी कहने लगी बहनचोद फाड़ दी मेरी चूत तू पक्का हरामी हे तू अपनी बहन को चोद के बहन चोद बन गया हे………….. मे अभी भी दीदी की चूत मे धीरे धीरे लंड अंदर बाहर कर रहा था कुछ देर बाद दीदी को भी मज़ा आने लगा वो भी मेरे झटको का जवाब देने लगी ओर कहने लगी चोद अपनी रंडी बहन को फाड़ दे अपनी बहन की चूत बना ले मुझे अपनी रखेल ओर वो बीच बीच मे सिसकिया भी ले रही थी……मैने दीदी से कहा हा मेरी जान मे तुझे उम्रभर चोदुंगा अब मैने दीदी के दोनों चुचो को अपनी मुट्ठी मे भर लिया ओर उसे कस के पकड़ के धक्के देने लगा. दीदी भी झटके का जवाब झटके से देने लगी दीदी की हालत भी बुरी हो गई थी लंड खा खा के फिर मैने दीदी की दोनों टांगो को आसमान की तरफ उठाया ही था की मेरी नज़र नीचे बिस्तर पर गई जो पूरी लाल हो चुकी थी मे समझ गया की दीदी की चूत से खून निकला हे इसका मतलब दीदी की चूत फट गई थी. मैने दोनों पैर ऊपर उठा के 2-4 झटके और दिये फिर मैने दीदी को उठने का इशारा दिया ओर दीदी से कहा की घोड़ी बन जाओ मे आज तुम्हारी सवारी करूँगा.. दीदी तुरंत घोड़ी की पोज़िशन मे आ गई. मैने अपन लंड पीछे से दीदी की गांड मे लगाया ओर धक्का देने लगा दीदी मदमस्त हो गई ओर अपनी गांड को पीछे करके झटके देने लगी कुछ देर बाद हम दोनों झड़ गये ओर ज़ोर ज़ोर से हाफने लगे। You Also Like दीदी की कुँवारी चूत फाड़ी | दीदी को दिया अनमोल गिफ्ट | दीदी और पड़ोस वाला आदमी | घर जेसा मज़ा और कहाँ | भाईयों ने रंडी बनाया | बड़ी बहन को 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Thursday, 12 March 2015
दीदी की कुँवारी चूत फाड़ी
Monday, 2 March 2015
बड़ी बहन को मनाया
Badi Bahan Ko Manaya
हाय फ्रेंड्स…मेरा नाम नासीर है. मेरी उम्र 22 साल और मेरी बहन की उम्र 23 साल है. उसका रंग गोरा वजन 40 लम्बाई 5.5 ओर फिगर बहुत ही सेक्सी है. हम पंजाब में रहते हैं मेरे पापा अमेरिका में बिजनेस करते हैं जब उन्होने हमारी मम्मी को वहा पर बुलाया तो हम दोनो यहाँ अकेले रह गये. अब स्टोरी की तरफ आते हैं.
उस दिन
मेरा जन्मदिन था. में ज़्यादा घर से बाहर रहता था. वो घर में अकेली उदास होती थी
ओर कहती थी जब से पापा मम्मी अमेरिका गये हैं तुम आवारा हो रहे हो. जल्दी घर आया
को में अकेली उदास हो जाती हूँ. मेंने कहा सिर्फ़ जन्मदिन दोस्तों के साथ मनाने दो
फिर घर पे टाइम दिया करूँगा. उसने कहा नही जन्मदिन घर पर रख लो ओर फ्रेंड्स को भी
घर ही बुला लो. पहले में नही माना लेकिन वो नाराज़ हुई इसलिये मान गया. मेंने सब
को घर पर बुला लिया.
में
अपनी बहन को कई साल से पसंद करता था ओर सोचता था केसे उसे मनाऊँ सेक्स के लिये ओर डरता भी था की कहीं मम्मी
पापा को ना बता दे. जन्मदिन से एक दिन
पहले उसने पूछा तुमें क्या गिफ्ट चाहियें? मेंने कहा था बता दूंगा बाद में. जन्मदिन आया
सब दोस्त भी आये ओर सब ने गिफ्ट दिये। बहन ने मुझसे कहा सब ने गिफ्ट दिये ओर मुझे
शर्मिंदगी हुई की मेंने अपने भाई को कोई गिफ्ट नही दिया. मेंने कहा रात को बताऊंगा
अभी जा रहा हूँ. रात को में घर आया हम ने साथ खाना खाया हम एक ही रूम में टी.वी
देखते ओर फिर अपने अपने रूम में सो जाते थे. हम दोनो टी.वी देख रहे थे जब उसने
पूछा तुमने बताया नही तुम्हेँ क्या गिफ्ट
चाहियें. मेंने नज़र टीवी पर रखी ओर कहा पहले वादा करो तुम मना नही करोगी. उसने कहा वादे की क्या बात है मेरा
एक ही भाई है में उसे ज़रूर गिफ्ट दूंगी.
मेंने
कहा नहीं में ऐसे नही बताउगां तुम पहले वादा करो. उसने कहा ओके वादा. में कुछ देर
खामोश रहा ओर टी.वी को देखते हुये कहा में तुम्हारे बूब्स देखना चाहता हूँ. वो एक
दम गुस्से में आ गई. उसने कहा शट-अप तुमें शरम नहीं आती अपनी बहन से ऐसी बात करते हुये. मेंने कहा
मुझे माफ़ कर दो मुझे पता था इसीलिये नही
बता रहा था. उसने कहा अगर में पापा को फ़ोन कर दूं तो? मेंने कहा तो में घर छोड़ कर चला जाऊँगा.
लेकिन आप ने वादा किया था आप मना नही करोगी. उसने कहा लेकिन हम बहन भाई हैं इसलिये
मुझे नही पता था तुम ऐसी बात करोगे.
उसने
कहा ये भी कोई गिफ्ट है तो मैने कहा में बच्चा नही रहा जो खिलोने माँगता. गिफ्ट वो
ही होता है जिससे खुशी मिले मुझे सब गिफ्ट से ज्यादा इस गिफ्ट से खुशी मिलेगी.
मेंने कहा हम दोस्त भी तो हैं मेरा जन्मदिन है मुझे तुम अच्छी लगती हो इसलिये कह
दिया मैने कुछ गलत तो नही कहा. वो खामोश रही ओर टी.वी देखती रही जब मेंने तीन बार
प्लीज कहा तो उसने कहा ओके तुम्हारा जन्मदिन है लेकिन मेरी एक शर्त है. तुम सिर्फ़
दूर से देखोगे ओर टच नही करोगे. में खुश हो गया मेंने कहा ओके.
उस का
फेस लाल हो रहा था शर्म से. उसने आँखें बंद की हुई थी मेंने देखा ओर देखता ही रह
गया मेंने कहा तुम बहुत सुंदर हो उसने कहा ओके अब देख लिया बस? मेंने
कहा मेंने पहले कभी किसी लड़की के बूब्स रियल में टच नही किये. प्लीज एक बार टच
करने दो. उसने कहा नही तुमने वादा किया था. मेंने कहा हाँ किया था लेकिन तुम इतनी
खूबसूरत हो प्लीज बस एक बार फिर कभी नही कहूँगा. उसने अपनी कमीज़ नीचे की ओर खामोश
रही. मेंने कहा जब देख लिया तो एक बार टच करके देखने से क्या बिगड़ जायेगा? वो
मुझे देखती रही मेंने आँखें नीचे कर ली.
उसने
कहा सिर्फ़ तुम्हारा जन्मदिन है इसलिये सिर्फ़ एक बार. में दिल से खुश हो गया ओर
कहा ओके. बस जब टच किया तो उसने अपनी आँखें बंद कर ली शरम से. मेंने फ़ायदा उठाया
ओर बूब्स को किस कर लिया. उसने आँखें खोली ओर कहा प्लीज ऐसा मत करो. मेंने कहा मे
कोन सा सेक्स कर रहा हूँ. प्लीज कुछ नही
होगा मुझे जी भर के देखने दो. तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो. मेंने इतने
प्यारे बूब्स कभी नही देखे ओर ये कह कर उसके बूब्स को चूसने लगा वो आँखें बंद कर
के खामोश रही. मेंने उसकी बॉडी को किस करना शुरू किया ओर हाथ उसके नीचे ले गया. और उसकी पेन्टी में हाथ डालने लगा तो
उसने रोक दिया ओर कहा ये गलत है. सिर्फ़ उपर से ही.
में
कपड़ो के उपर से उसकी चूत को सहलाने लगा ओर उसकी बूब्स ओर बॉडी पर किस करता रहा. तब मेंने अपनी शर्ट भी उतार दी
ओर उसका हाथ अपनी कमर पर रख लिया. अब वो ज्यादा कुछ नही कह रही थी. में इतने प्यार
से किस कर रहा था शायद उसे भी मज़ा आने लगा था शायद इसीलिये खामोश रही. फिर मेंने
उसकी सलवार उतारी तो उसने एकदम उपर सलवार खीची. मेंने कहा में पेन्टी नही उतारूगां सिर्फ़ पैरो पर किस करने के लिये
उतार रहा हूँ. उसने हाथ ढीले कर दिये. अब
वो सिर्फ़ अपनी पेन्टी में मेरे सामने थी. में किस करता हुआ उसकी चूत को उसकी
पेन्टी के उपर से किस कर रहा था. अब उसकी पेन्टी उतारने लगा तब भी उसने रोक दिया.
मेंने
कहा मुझे एक बार देखना है ओर प्लीज एक बार अंदर से किस करने दो में सेक्स नही
करूँगा. उसने कहा नही. मेंने कहा ओके. मेंने उस को उल्टा किया ओर उसकी पीठ पर किस
करने लगा. वो आँखें बंद करके उल्टी लेटी थी. में किस करते हुये उसका हाथ अपने लंड
पर ले गया. और अपना लंड अंडरवेयर के उपर से उस के हाथ में दे दिया.
उसने
हाथ लंड से हटा लिया. मेंने अपना अंडरवेयर भी निकाल दिया मेरा लंड टाइट था ओर बेकरार भी. मेंने उसका हाथ दोबारा
अपने लंड पर रखा. उसने पकड़ लिया लेकिन
हिला नही रही थी. मेंने अपना हाथ उसके हाथ पर रखा ओर हिलाने लगा. फिर उसे सीधा किया. तो वो देखती ही रह
गई. उसने कहा तुम जवान हो गये हो इतना हार्ड ओर इतना बड़ा है ये. मेंने कहा इसे
हिलाओ ओर उसके बूब्स को चूसने लगा. उसने कहा क्यो हिलाऊँ ओर ये इतना गर्म क्यो है.
मेंने कहा तुम्हे देख कर गर्म है तुम हिलाओगी तो मुझे मज़ा आयेगा.
वो
बहुत धीरे धीरे हिलाने लगी. में उसके बूब्स को चूसता हुआ उसकी चूत पर आया ओर उसकी पेन्टी तेज़ी से उतारने लगा. उसने
रोका लेकिन आधी उतर चुकी थी. मेंने कहा यह गलत बात है की तुमने मुझे देख लिया ओर
मुझे नही देखने दे रही. प्लीज देखने दो ना कुछ नही होगा में भी तो नंगा हूँ. वो
सीधी हो कर लेट गई. मेंने उसकी पेन्टी निकाल दी. अब वो पूरी तरह से नंगी मेरे
सामने थी. मेंने कहा वाउ क्या खूबसूरत शेप है ओर हाथ लगा कर कहा ये तो बहुत मुलायम
है. उसने शर्मा कर अपनी चूत पर हाथ रख लिया. में उसकी जांघ से किस करता हुआ उसके हाथ पर किस करने लगा. उसके हाथ हटा कर
उसकी चूत को टच किया तो गीली हो गयी थी. में उसकी चूत पर धीरे धीरे हाथ फेरने लगा.
उसने मुझे खीच कर गले लगा लिया ओर में अपने होठ उसके होठ पर रखकर ज़ोरदार किस करने
लगा.
में
समझ गया ये गर्म हो चुकी है. में अब उसके होठ पर किस कर रहा था ओर मेरा लंड उसकी
गीली चूत को टच कर रहा था. मेंने एक हाथ ले जाकर लंड को उसकी चूत की दिशा में सही
किया ओर ज़ोर लगाने लगा उसकी आअहह निकली ओर एकदम चोंक गई. उसने कहा नही बस अब
रुको! मुझे पता था वो गर्म हो चुकी है लेकिन डरती है कहीं प्रेग्नेंट ना हो जाये.
मेंने कहा बहुत मज़ा आ रहा है एक बार अंदर
करने दो ना प्लीज उसने कहा नही तुम्हारे पास कन्डोम नही है ओर ये सही नही. में समझ गया की इस का भी दिल कर
रहा है लंड डलवाने को. मेंने कहा में बाहर ही निकाल दूगां प्रॉमिस. उसने कहा तुम
से ग़लती हो गई तो में बर्बाद हो जाऊँगी.
मेंने
कहा मुझे तुम्हारी इज्जत का ख्याल है. हम बहन भाई हैं किसी को कभी शक नही होगा और
में वादा करता हूँ में बाहर ही निकाल दूगां. हम दोनो घर में सेक्स के मज़े लेंगे
ओर जब दिल चाहे जेसे चाहे एक दूसरे के साथ मजा कर सकेंगे वो काफ़ी शान्त हो चुकी
थी. मेंने उसे बाहो में लिया ओर किस करना शुरू किया. अब वो मेरा साथ दे रही थी
शायद उस का भी दिल कर रहा था इसलिये साथ देने पर मजबूर थी ओर मेंने उससे वादा भी
किया था. की कुछ नही होगा ओर में सब संभाल लूँगा. उसकी चूत बहुत टाइट थी. मेंने
ज़ोर लगाया तो उसकी चीख निकल गई लेकिन मेंने अपनी स्पीड आहिस्ता की और जब उसका
दर्द कम हुआ तो ज़ोर से उसे धक्के लगाने लगा. वाउ क्या मज़ा आ रहा था. फिर कुछ देर
बाद हम दोनो डिसचार्ज हो गये. डिसचार्ज के वक़्त मेंने वीर्य बाहर निकाल दिया उस
वक़्त वो डॉगी स्टाइल में थी ओर सारा वीर्य उसकी गांड पर गिरा दिया. जिससे एक उसने
सुख की सांस ली.
फिर हम
दोनो ने साथ बाथ लिया. अब वो खुश थी. उसने कहा तुम बहुत ताकतवर ओर स्मार्ट हो.
उसके बाद ये सिलसिला चलता रहा. फिर उसकी शादी हो गई. अब जब भी वो मिलने आती है हम
मजा करते हैं ओर अब वो नही डरती बल्कि हम दोनो ने ये डिसाइड किया है कि हम किसी को
ना नही करेगे. सिर्फ़ एक बार जब उसकी गांड मारी थी तब उसे बहुत दर्द हुआ था जो
उसने सहन किया. लेकिन बाद में उसने कुछ नही कहा. अब तो शादी के बाद उसका जिस्म भर
गया है. मुझे उसके बूब्स दबाने में ओर भी मज़ा आता है
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Monday, 26 January 2015
ज़िन्दगी के अजीब रंग
मैं और कामिनी एक
ही ऑफ़िस में काम करते थे। कामिनी ने कस्ट्मर केयर में अभी अभी नया ही जॉइन किया
था और मैं अकाउंटेंट था। वो एक सरल स्वभाव की चुप सी रहने वाली लड़की थी। ऑफ़िस
में किसी से ज्यादा बात नहीं करती थी। ऑफ़िस में वेतन का भुगतान मैं ही करता था
इसलिये हमारी बात कभी कभी हो जाया करती थी। धीरे धीरे कामिनी
मुझसे थोड़ा खुलने लगी और हम दोनों लन्च एक साथ करने लगे। लेकिन अभी वो चुप चुप सी
ही रहती थी, मैं जब भी थोड़ा सा मजाक करता तो वो सिर्फ़ हल्का सा
मुस्कुरा देती थी बस। मुझे लगा कि ज़रूर
उसके मन में कुछ बात है जो वो किसी को नहीं बताती। खैर समय बीतता चला
गया।
एक दिन वो मेरे
पास आई और कहने लगी कि उसको कुछ रुपयों की ज़रूरत है इसलिये मैं उसे कुछ एडवांस दे
दूँ और उसके वेतन में से काट लूँ। मैंने उसे एडवांस दे दिया। अगले दिन वो ऑफ़िस
नहीं आई, मैंने भी सोचा कि शायद घर में कुछ काम होगा, लेकिन उसके दो दिन बाद भी वो ऑफ़िस नहीं
आई, मैंने उसके घर पर फोन किया लेकिन वहाँ किसी ने भी फ़ोन नहीं
उठाया।
शाम को मैं अपनी
बाइक से घर जा रहा था कि मुझे बस स्टाप पर कमिनी दिखाई दी, मैंने बाइक रोकी, कामिनी ने मुझे देखा और मेरे पास आ गई।
मैंने उससे पूछा
कि तुम ऑफ़िस क्यों नहीं आ रही?
उसने कहा- घर पर
कुछ काम था।
मैंने उसको कहा-
कहां जाना है। चलो मैं छोड़ देता हूँ।
वो बाइक पर बैठ
गई। रास्ते में मौसम कुछ खराब होने लगा तो मैंने बाइक एक रेस्तराँ के पास रोक दी
और कहा- जब तक मौसम थोड़ा ठीक नहीं होता, तब तक रेस्तराँ में एक एक कप कॉफ़ी पी
लेते हैं !
कॉफ़ी पीते पीते
मैंने उसको पूछा- क्या बात है?
उसने कहा- कुछ
नहीं !
लेकिन मेरे थोड़ा
कुरेदने पर वो रो पड़ी और बात बताने लगी। उसकी बात सुन कर मेरी आँखें भर आई, उसने बताया कि वो एक शादी शुदा औरत है और
एक बच्ची की माँ है, शादी के एक साल बाद ही उसके पति की मौत हो गई। यह बच्ची पति
की मौत के पाँच महीने बाद हुई। पति की मौत के बाद उसके ससुराल वाले उसको मारने
पीटने लगे और उसकी बच्ची को भी किसी और की बताने लगे। एक बार उसके देवर ने भी उसके
साथ बलात्कार करने की कोशिश की। तंग आकर वो ससुराल से अपने घर आ गई और अपने माँ
बाप के साथ रहने लगी।
उसके पिता भी यह
सदमा सह नहीं पाये और उनकी भी मौत हो गई। अब वो अपनी माँ और बेटी के साथ ही रहती
है, इस समय उसकी माँ बीमार है और अस्पताल में है इसीलिये उसने
एडवांस लिया था।
उसकी दर्द भरी
दास्तान सुन कर मैं भी काफ़ी भावुक हो गया था। मौसम अब ठीक हो गया था इस लिये हम
दोनों कॉफ़ी पी कर वहां से चल दिये। रास्ते में मैंने कामिनी को अस्पताल छोडा, उसकी माँ के भी हालचाल पूछा और घर पर आ
गया।
उस रात मैं सो
नहीं सका और सारी रात कामिनी और उसके परिवार के बारे में सोचता रहा।
अगले दिन मैं
ऑफ़िस पहुँचा, कामिनी आज ऑफ़िस आई हुई थी, मैंने उसे अपने केबिन में बुलाया और उसकी
माँ का हाल पूछा।
उसने कहा कि
डाक्टर ने अभी कुछ दिन अस्पताल में रखने के लिये बोला है।
मैने उसको कहा कि
अगर रुपयों की जरूरत हो तो मुझे बोल देना। शाम को मैं उसे अपनी बाइक पर ही अस्पताल
ले गया, वहाँ डाक्टर ने कुछ दवाइयाँ मँगवाई जो मैंने अपने पैसों से
ही खरीद दी। बाद में मैं ही उसे घर पर छोड़ने गया तो काफ़ी रात हो चुकी थी।
उसने मुझे कहा- आज
रात को आप यहीं पर रुक जायें।
मैं भी घर पर
अकेला रहता था तो मुझे कोई दिक्कत नहीं थी।
उसने मुझे कहा-
मैं खाना बनाती हूँ, तब तक आप फ़्रेश हो जायें।
मैं फ़्रेश हो कर
बाथरूम से बाहर आया तो देखा कि कामिनी ने भी अपने कपड़े बदल कर गाउन पहन लिया था।
हम दोनों ने खाना खाया, खाना खाने के बाद मैं टीवी देखने लगा, कामिनी भी अपनी बेटी को सुला कर मेरे पास
ही बैठ कर टीवी देखने लगी। टीवी देखते देखते कमिनी की आँख लग गई और वो मेरे कन्धे
पर सर रख कर सो गई, धीरे धीरे उसका सर फ़िसल कर मेरी जांघों पर आ गया और उसका
मुँह मेरे लन्ड के ऊपर था।
धीरे धीरे मेरा
लन्ड खड़ा होने लगा मैं आपे से बाहर होने लगा था, लेकिन मैंने अपने आपको कन्ट्रोल किया, मेरे हाथ कामिनी की कमर पर आ गये, शायद कामिनी को भी मेरे लन्ड के कडकपन का
अह्सास हो गया था लेकिन उसने अपना मुँह मेरे लन्ड पर से नहीं हटाया और ऊपर से ही
मेरे लन्ड पर अपने होंठों को फ़ेरने लगी शायद उसके मन में भी सालों से सोई हुई
अन्तर्वासना जाग गई थी मेरे भी हाथ उसके जिस्म पर चलने लगे।
उसने करवट ली और
पीठ के बल मेरी जांघों पर सर रख कर लेट गई और वासना भरी आँखों से मेरी तरफ़ देखने
लगी। मैने भी उसकी आँखो का इशारा पा कर उसके जलते हुए होन्ठों पर अपने होंठ रख
दिये और उन्हें चूसने लगा और अपने हाथों से उसके स्तनों को दबाने लगा। उसके स्तन
एकदम टाइट थे, शायद काफ़ी समय से उसके वक्ष किसी ने दबाये नहीं थे। मैंने
धीरे धीरे उसके गाउन को ऊपर उठाया और उसकी टांगों पर हाथ फ़ेरने लगा।
क्या गोरी टांगें
थी उसकी !
कामिनी भी अब
उत्तेजना में भर गई थी और मुझे पागलों की तरह चूमने लगी। मैंने उसे खड़ा किया और
उसका गाउन उतार दिया।
उफ़ !! क्या जिस्म
था ! भगवान ने शायद उसको फ़ुर्सत से तराशा था। ब्रा और पेन्टी में वो एकदम
एश्वर्या राय लग रही थी। उसने मेरे सारे कपड़े उतारे और मेरे लन्ड को अपने मुँह
में लेकर चूसने लगी। मैने भी उसका सर दबा कर अपना पूरा लन्ड उसके मुँह में दे दिया।
वो अपने दोनों हाथों से मेरे चूतड़ों को भींचने लगी।
उत्तेजना के कारण
मेरा वीर्य उसके मुँह में ही झड़ गया। अब मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और
बैडरूम में ले गया। बैड पर लिटा कर मैंने उसकी ब्रा और पेन्टी उतार दी।
उफ़ ! क्या चूत थी
उसकी ! बिना बालों की और एक दम गुलाबी !
मैं उसकी चूत को
चाटने लगा और अपने दोनों हाथों से उसके स्तन दबाने लगा। उसने मेरे सर को अपनी चूत
पर जोर से दबा दिया और कहने लगी- और जोर से चाटो !
मैंने अपनी जीभ
उसकी चूत के अन्दर डाल दी और अन्दर ही गोलाई में घुमाने लगा, जिससे वो एकदम झड़ गई।
एक बार फ़िर से वो
मेरे लन्ड को चूसने लगी जिससे मेरा लन्ड फ़िर से खड़ा हो गया। अब हम दोनों 69 की पोजिशन में आ गये और वो मेरे लन्ड को
और मैं उसकी चूत को चाटने लगा। क्या गोल और भारी चूतड़ थे उसके ! एक दम गोरे !
काफ़ी देर तक
चाटने के बाद मैने उसको उठा कर बिस्तर पर लिटा दिया और अपना लन्ड उसकी चूत के
दरवाजे रख कर धीरे से एक धक्का दिया। काफ़ी दिनों से उसकी चुदाई नहीं हुई थी
इसलिये उसकी चूत काफ़ी टाइट थी। मैने धक्का दिया तो मेरा लन्ड उसकी चूत में थोड़ा
सा घुस गया। उसको भी काफ़ी दर्द हुआ लेकिन उसने कहा- निकालना मत, पूरा घुसा दो।
मैंने जोर से एक
धक्का लगाया और अपना पूरा लन्ड उसकी चूत में घुसा दिया। कामिनी को काफ़ी दर्द हुआ
लेकिन उसने उस दर्द को अपने दांतों से अपने होंठों को दबा कर सह लिया। उसकी आँखों
से आन्सू निकलने लगे। धीरे धीरे उसको भी मजा आने लगा और वो भी अपने चूतड़ों को उठा
उठा कर मेरा लन्ड अपनी चूत के अन्दर लेने लगी। उसने अपनी दोनों टांगों से मुझे कस
लिया और अपने हाथों से मेरे चूतड़ों को खींचने लगी। पूरे कमरे में धप-धप, घचा घच की आवाजें आ रही थी।
मेरे भी धक्के
बढ़ते जा रहे थे और मैं पागलों की तरह उसको पूरी जान लगा कर उसको चोद रहा था, उसके बूब्स को चूस रहा था। कामिनी के
मुँह से सी……॥सी……॥ हाय्…॥ आह्…॥ की आवाजें निकल रही थी।
कुछ देर उसे चोदने
के बाद मैंने उसे अपने ऊपर लिया और नीचे से अपना लन्ड उसकी चूत में घुसा दिया
थोड़े से दर्द के साथ कामिनी ने मेरा लन्ड अपनी चूत में ले लिया और ऊपर से धक्के
लगाने लगी। मैं उसके चूतड़ों को अपने हाथों से भींचने लगा और जोर जोर से धक्के
लगाने लगा। उत्तेजना के कारण उसने अपने नाखून मेरे सीने पर गड़ा दिये। हम दोनों की
आँखों में वासना के लाल लाल डोरे नज़र आ रहे थे।
कामिनी कहने लगी-
समीर मैं बहुत सालों से प्यासी हूँ, आज मेरी सारी प्यास बुझा दो !
हम दोनों के मुँह
से सी……सी……आह…… आह्… की आवाजें निकल रही थी। कामिनी जोर से आह्…। आह्…॥ की आवाज करती हुई झड़ गई लेकिन मेरा
जोश कम नहीं हुआ था और मै उसे और चोदना चाहता था।
मैने उसे अपने
नीचे लिया और जोर जोर से धक्के लगाने लगा। करीब दस मिनट लगातार धक्के लगाने के बाद
मेरा लन्ड टाइट होने लगा। मैने कामिनी को कहा- मै अब झडने वाला हूँ! उसने कहा- चूत
में ही झड़ जाओ !
मेरे धक्के तेज
होने लगे और मैं झड़ने लगा और अपना सारा वीर्य कामिनी की चूत में छोड़ दिया।
कामिनी के चेहरे पर सन्तुष्टि झलक रही थी। उसने जोर से मेरे होंठों को चूमा और
मेरे मुँह मे अपनी जीभ डाल दी। मै भी उसकी जीभ को चूसने लगा और वो मेरी जीभ को
चूसने लगी। लम्बी चुदाई के बाद हम दोनों काफ़ी थक चुके थे इसलिये एक दूसरे के आगोश
में नंगे ही सो गये।
अगले दिन हम सो कर
उठे तो सुबह के पांच बज चुके थे। कामिनी की बेटी अभी सो रही थी। कामिनी ने चाय के
लिये पूछा तो मैने हाँ कर दी। कामिनी नंगे ही रसोई घर में चली गई। उसके ऊपर नीचे
उठते हुए चूतड़ों ने मेरे लन्ड को फिर खडा कर दिया, मैं पीछे से रसोई मे गया और कामिनी को
पीछे से पकड़ लिया। मैने अपने हाथों से उसकी दोनों चूचियों को पकड़ लिया और मेरा
लन्ड उसकी गान्ड की घाटियों मे सैर करने लगा। मैने उसकी चूत को धीरे से दबा दिया
तो उसके मुँह से हल्की सी सिसकारी निकल गई।
मैं नीचे बैठ गया
और उसके चूतड़ों पर धीरे धीरे अपने दाँत गड़ाने लगा। कामिनी भी अब उत्तेजित हो
चुकी थी।
मैं अपनी उंगली से
उसकी गान्ड के छेद को सहलाने लगा तो कामिनी बोली- साहब के ख्याल नेक तो हैं ?
मैने कहा- कामिनी
तुम्हारी गान्ड मुझे बहुत अच्छी लगती है और मुझे आज तुम्हारी गान्ड भी मारनी है !
कामिनी हँस पड़ी
और बोली- समीर मैने अपना सारा शरीर तुम्हें सौंप दिया है तो ये गान्ड भी तुम्हारी
है !
ऐसा कह कर कामिनी
आगे की तरफ़ झुक गई उसके गोल गोल चूतड मेरी तरफ़ उभर गये और चूत और गान्ड के छेद
बाहर झांकने लगे। मैने उसकी गान्ड के छेद पर अपना थूक लगाया और लन्ड का टोपा उस पर
रखा तो कामिनी ने कहा- समीर, मैने अभी तक गान्ड नहीं मरवाई है, ज़रा धीरे धीरे करना !
मैंने हल्का सा
धक्का लगाया तो मेरा लन्ड का टोपा उसके अन्दर घुस गया। कामिनी ने हल्की सी सिसकारी
भरी। मैने फिर से थोड़ा ज़ोर से धक्का लगाया तो मेरा आधा लन्ड उसकी गान्ड में घुस
गया। कामिनी बोली- धीरे…… समीर………!!
मै थोड़ा रुक गया।
जब कामिनी थोड़ी सामान्य हुई तो मैने अचानक ज़ोर से धक्का लगाया, जिससे मेरा सारा लन्ड कामिनी की गान्ड
में समां गया। कामिनी इस धक्के के लिये तैयार नहीं थी, उसके मुँह से ज़ोर से आवाज़ निकली जिसे
मैने उसके मुँह पर हाथ रख कर दबा दिया।
थोड़ी देर बाद
कामिनी सामान्य हुई तो मैने धक्के लगाने शुरु किये। अब कामिनी को भी मज़ा आने लगा
था और अब वो भी साथ देने लगी और अपने चूतड़ों को पीछे की तरफ़ धकलने लगी। मैने भी
उसकी चूचियों को पकड़ा और तेजी से धक्के लगाने लगा। मैने उसकी एक टांग को रसोई की
स्लैब रखा जिससे उसकी गान्ड का छेद थोड़ा खुल गया। अब मेरे धक्को में काफ़ी तेजी आ
गई थी और मैं पागलों की तरह उसकी गान्ड को चोद रहा था।
कामिनी के मुँह से
भी कामुक आवाज़ें निकल रही थी जो मेरी वासना को और भड़का रही थी मेरा लन्ड एक दम
टाइट हो चुका था और कामिनी की गान्ड का बाजा बजा रहा था। मेरी जांघ कामिनी के
चूतड़ों से टकरा कर रसोई के अन्दर तबला बजा रही थी।
आह्……॥ आह्……॥ सी………। सी……॥ की आवाजों से पूरी रसोई गूँज रही थी।
कामिनी…………॥ मेरी जान्……॥ कहते हुए मैं उसकी गान्ड में ही झड़
गया मेरे लन्ड के लावे ने कामिनी की गान्ड की बन्जर ज़मीन को फिर से हरा भरा कर
दिया। कामिनी की गान्ड मारने के बाद मुझे भी अजीब सी सन्तुष्टि मिल रही थी और मैं
एक दम हल्का महसूस कर रहा था।
उसके बाद हमने चाय
पी और अपने अपने कपड़े पहन लिये। तब तक कामिनी की बेटी भी उठ चुकी थी, कामिनी ने उसको स्कूल के लिये तैयार किया
और घर के बाहर उसको स्कूल बस में बैठा कर वापस आ गई। मैने कामिनी से कहा- अब हम भी
तैयार हो जाते है, मैं तुम्हें अस्पताल छोड़ते हुए ऑफ़िस चला जाउँगा।
कामिनी अपने कपड़े
ले कर बाथरूम की तरफ़ चल दी। बाथरूम में जा कर उसने अपने कपड़े उतार दिये और नंगी
हो गई। उसने बाथरूम का दरवाज़ा बन्द नहीं किया और मेरे सामने ही नहाने लगी। उसको
नहाते हुए देख कर मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया और मैं भी अपने कपड़े उतार कर
बाथरूम में घुस गया। कामिनी मुझे देख कर मुस्कुरा दी, शायद वो भी यही चाहती थी।
शावर के नीचे हम
दोनों नहाने लगे। धीरे धीरे हम दोनों के हाथ एक दूसरे के जिस्मों पर चलने लगे और
आग एक बार फिर भड़क गई। मैं कामिनी की चूचियों को चूसने लगा और उसके चूतड़ों को
भींचने लगा। कामिनी के हाथ भी मेरी गान्ड पर चलने लगे। अब उसने मेरा लन्ड अपने
मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी। ऊपर से पानी हमारे जिस्मों पर गिर रहा था जिस
के कारण हमारी वासना और भड़क रही थी। कामिनी मेरे लन्ड को मुँह में भर कर जबर्दस्त
तरीके से चूस रही थी, उसकी जीभ का मेरे लन्ड के टोपे पर घर्षण मुझे अजीब सी
उत्तेजना दे रहा था।
अब हम 69 की पोजीशन में आ गये और एक दूसरे को
चूसने लगे। मैंने कामिनी की गान्ड में अपनी उन्गली दे दी और उसकी चूत को चाटने
लगा। जवाब में कामिनी ने भी मेरी गान्ड में उन्गली दे दी और मेरे लन्ड को बेहताशा
चूसने लगी। थोड़ी देर के बाद मैंने कामिनी को अपने ऊपर लिया और नीचे से अपना लन्ड
उसकी चूत में डाल दिया। कामिनी अब मेरे लन्ड की सवारी करने लगी और मेरे होंठों को
चूसने लगी। होंठ चूसते हुए उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में दे दी और मैं उसकी जीभ को
चूसने लगा और उसके चूतड़ों को पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा।
थोड़ी देर के बाद
मैंने उसे अपने नीचे लिया और अपना लन्ड उसकी चूत में डाल कर ज़ोर ज़ोर उसे चोदने
लगा। हाय……… मेरे समीर…………… चोद दो मुझे……… सी…………सी……… की आवाज़ कामिनी के मुंह से निकल रही थी
और मुझे और भड़का रही थी। मेरे धक्के तेज़ होते जा रहे थे।
आह…… आह… की आवाज से मैं कामिनी की चूत में ही
झड़ने लगा और हम दोनों के जिस्म एक दूसरे में समाने की कोशिश करने लगे। थोड़ी देर
हम दोनों उसी अवस्था में पड़े रहे, फिर दोनों एक साथ नहाये। नहाने के बाद
मैंने कामिनी को अपनी गोद में उठाया और बाहर आ गया। फिर हम तैयार होकर नाश्ता करने
लगे।
नाश्ता करते हुए
मैंने कामिनी को कहा- कामिनी मुझसे शादी करोगी?
मेरा अचानक किया
हुआ सवाल सुन कर कामिनी दो मिनट के लिये खामोश हो गई और उसकी आँखें भर आई। उसने
सवाल भरी नज़रों से मुझे देखा, शायद उसकी नज़रें पूछ रही थी कि मैं झूठ तो नहीं बोल रहा !
मैने उसके चेहरे
को अपने हाथों में लिया और फिर से वोही सवाल किया जवाब में वो मेरे सीने से लग कर
रो पड़ी।
फिर हम अस्पताल गये और मैंने कामिनी की माँ से कामिनी का
हाथ माँगा। कामिनी की माँ इसके लिये सहर्ष तैयार हो गई। फिर कामिनी की माँ के
अस्पताल से आने के बाद कामिनी और मैने शादी कर ली। आज हमारे दो बच्चे हैं और हम सब
बहुत खुश हैं।
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